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कच्छ की सैर

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हिंदी कक्षा 8 द्धितीय सत्र

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निम्नलिखित मुद्दे के सबध में चार-पांच वाक्य लिखिए |

(४) कच्छके ऐतिहासिक स्थल :


 

सामाखीयाली के उत्तर में धोलावीरा एक ऐतिहासिक स्थान है | यहाँ भारत की अतिप्राचीन मोहन-जो-दडो सस्कृति के अवशेषा पाए जाते है |


निम्नलिखित मुद्दे के सबध में चार-पांच वाक्य लिखिए |
(२) कच्छ के तीन बड़े शहर : 

मांडवी, भुजा और मुंद्रा ये कच्छ के बड़े शहर हे | मांडवी सत्यता सुन्दर ओर शहर है और उसमे सुन्दर बंदरगाह है | यह बड़ा प्राचीन शहर है | राजमहल, पवनचक्किया तथा समुद्धृतट दर्शनीय है | भुजा वैभवशाली नगर है | यहाँ आयना महल, प्रागमहल, हिलगार्डन, स्वामिनारायण मंदिर, हमीरसर, भुजिया पहाड़ आदि दर्शनीय स्थान है |


निम्नलिखित मुद्दो के सबध में चार-पांच वाक्य लिखिए |
(१) मरुभूमि/रेगिस्तान : 

जिस प्रदेश में दुर-दुर तक रेत ही रेत दिखाई देती है, उसे मरुभूमि या रेगिस्तान कहते है | मरुभूमि में वर्षा बहुत काम या बिलकुल नहीं होती | यहाँ पानी के लिए दुर-दुर तक भटकना पडता है | कही-कही ऎसे स्थान होते है जहा भूमि से पानी निकलता है | ऎसे स्थानो को मरू- उधान कहते है | मरुभूमि के लोग प्राय: ऊट पर प्रवाह करते है | इसलिए ऊट को 'रेगिस्तान का जहाज' कहा झाटा है |


आप अपनी पाठशाला में से लिसी यात्रा पर गए हो, तो उसका वर्णन अपने शब्दों में किजीए |

पिछले वर्षा दीपावली की छुट्टियों में हमारी पाठशाला की तरफ से माउंटआबू के प्रवास का आयोजन किया गया था | प्रवास में हम ५४ विधार्थी और ६ शिक्षक थे |

आबू रोड तक की यात्रा हमने ट्रेन से की | आबू रोड से मौत आबू जाने के लिए हम वहा के परिवहन निगम की बस में सवार हुए | दुर से आबू पर्वत दिखाई दिया | बसा का मार्ग धूमावदार था | बसा की गति भी बहुत धीमी थी | दोनों और भयानक खाइया थी | लेकिन हरियाली और ठड़े पवन के झोके सुख दे रहे थे |

बहुत उचाई पार करने के बाद हमारी बसा रगुनाथ मंदिर के पास खड़ी हो गई | उस समय सबुह के दस बजा रहे थे | उस समय वहा बड़ी चहल-पहल थी | सडको पर मेटाडोर, जीपे और कारे दौड़ रही थी | जगह-जगह रुरिस्ट गाइड-सेटरो, होटलों और यात्री-आवासो के साइन बोर्ड लगे हुआ थे | हम पहले से ही आरक्षिता एक होटल में उतरे | दो कमरे थे जिनमे आधुनिक सभी सुविधाए थी |

भोजन और विश्राम के बाद हम अतिहासिका देलवाड़ा मंदिर देखने गए | वहा की कला देखकर हम दांग रह गए | देवरानी-जेठानी मंदिर सचमुच बहुत सुन्दर है | उनकी नक्काशी और शिल्पी बारीकी देखनेलायक है |

अगले दिन हमने टॉड रोक और पोलो ग्राउंड देखा | फिर हम वशिष्ठाश्रम गए | अचल गठ पर स्थित भतृहरि की गुफा देखी | हम अबुर्दा देवी के मंदिर भी गए | वहा के ऊँचे विशाल घट को बझाया और उसकी मधुरा ध्वनि का आनंद लिया | हमने वहा के भ्रह्माकुमारी ईश्वरीय विधालय की भी मुलाकात ली |

हम वहा तीन दिन रहे | सबने मिलकर खूब आनद किया | उस प्रवास की यादे अभी तक मेरे मन में झाटा है |


निम्नलिखित मुद्दे के सबध में चार-पांच वाक्य लिखिए |

(३) कच्छमे स्थित धार्मिक स्थल :


भद्रेश्वर, नारायण सरोवर, लखपत तथा हाजीपीर से कच्छ के मुख्या धार्मिक स्थल है | भद्रेश्वर प्राचीन और जैन यात्राधाम है | यहाँ संगमरमर से बना २५०० वर्षा पुराना जिनालय भूकंप से खंडित हो गया था | अब आधुनिक ढंग से उसका पुन:निर्माण किया जा रहा है | नारायण सरोवर पौराणिक धार्मिक स्थान है | यह समायण काल का माना जाता है | लखपत में शिखो का गुरुद्धारा है |