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मत बाटो इंसान को

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हिंदी कक्षा 8 द्धितीय सत्र

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लोगो ने भगवान को किस प्रकार बात लिया है ?

कुछ लोगो के भगवान मंदिर में तो कुछ लोगो के भगवान मस्जिद में रहते है | कुछ लोगो ने अपने भगवान के लिए गिरझाघर बनाए है | एक ही भगवान को लोगो ने अलग-अलग ढंग से देखा है | वे उनकी अलग-अलग तरीके से पुज्हा करते है | इस तरह लोगो ने भगवान को वाट लिया है |

इंसान को बाटने का अर्थ क्या है ?

सभी मनुष्यो को सामान दृष्टि से न देखना | आज उचा-नीचे, जाती-पाती, गोरा-कला आदि भेद कर लोगो में अलगाव की भावना पैदा कर दी गई है | सभी मनुष्यो के रक्या में एक ऐसी लालिमा तथा उनमे एक जैसी भावनाओ की अनदेखी करकेवल उनके बाहरी स्वरूप पर ध्यान दिया गया है | इस प्रकार इंसान का वटवारा किया जाता है |

कविता के अनुसार अब तक किना चीजो का बटवारा हो चुका है ?

कविता के अनुसार अब तक मंदिर, मस्जिद और दिरजाधर आदि के रूपा में भगवान का वटवारा हो चुका है | इसी तरह भिन्न-भिन्न देशो के रूप में धरती और सागर भी वाट लिए गए है | 


निम्नलिखित काव्य-पंक्ति का भावार्थ बताइए :

अभी रह तो शुरू हुई है, मंजिल बैठी दुर है |
उजियाला महलो में बंदी, हर दीपक मजबूर है ||


दुनिया में समानता की भावना फ़ैलाने की अभी तो ररुआता हुई है | समानता का भाव पूरी तरह फ़ैलाने में अभी बहुत प्रयत्न करने पड़ेंगे | बिजली की रोहाणी अभी केवल महलो - धनी के घरो में ही | बरीबो के घरो  में अब भी दीपक ही जल रहे है |

चट्टानों की प्यास कैसे बुझाई जा सकती है ?


चट्टान का अर्थ है वे लोग जो भेदभावों के जुल्म सहते-सहते पत्थर जैसे कठोर हो गए है | हमें उन लोगो के साथ समानता व्यवहार करना है | उन्हें भी अपनत्व प्रदान करना है | इस प्रकार का शीतल जल देकर चटानो की प्यास बुझाई जा सकती है |