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अंतरिक्ष परी सुनीता विलियम्स

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हिन्दी कक्षा 8 प्रथम सत्र

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सुनीता ने अंतरिक्ष में कितने प्रकार के रिकॉर्ड बनाए ?

सुनीता ने अप्रेल, २००७ में अंतरिक्ष के बोस्टन मेराथन में भाग लिया था | इसमे ४ घटे २४ मिनिट में ४२ किमी का सफर तय करके वह प्रथम स्थान पर रही थी | सुनीता से पहले शेनोना ल्यूसिक नामक अतरीक्षयात्री १८८ दीं और ४ घंटे अंतरिक्ष में रहा था | सुनीता ने अंतरिक्ष में उससे ६ दीना १४ घटे १४ घंटे अधिक समय तक रहकर ल्यूसिका का रिकॉर्ड तोड़ा | इसी प्रकार २९ घंटे १७ मिनिट तक स्पेशवोक करके उसने एक नया रिकॉर्ड वनाया | इस तरह सुनीता ने अंतरिक्ष में अनेक प्रकार के रिकॉर्ड बनाए |


सुनीता कितने समय तक अंतरिक्ष में रहकर लौटी ?

 


सुनीता १९४ दिन १८ घटे और ५८ मिनिट अंतरिक्ष में रहकर लौटी |

'महिला अविभिन्न क्षेत्र में देश का नाम रोशन कर सकी है , आपका क्या मत है ?

बुद्धि, प्रतिभा और योग्यता पर केवल पुरुषो का ही अधिकार नहीं है | महिलाए भी प्रत्येक क्षेत्रमें अपना नाम उझाकर कर सकती है | आज वे ऊंचे-से-उचे पदो पर आसीन है | इस समय श्रीमती प्रतिभा पाटिल भारत के राष्ट्रपति पड़ा का गौरव बढ़ा रही है | इसके पहले श्रीमती इंदिरा गांधी भारत के प्रधानमंत्री के रूप मे नाम कमा चुकी है | संगीत के क्षेत्र में लगा मंगेशकर और आशा भोसले आज भी सारे विश्व मे लोकप्रिय है | मेरा माता है की पुरुषो की तरह महिलाए भी प्रत्येक क्षेत्र में भारत का नाम रोशन करा सकती है |


सुनीता कितने समय तक अंतरिक्ष में रहकर लौटी ?

 


सुनीता १९४ दिन १८ घटे और ५८ मिनिट अंतरिक्ष में रहकर लौटी |


'कही मेहनत, दृढ निश्वित और प्रतिभा के बल पर व्यक्ति अपनी मंजिल पा सकता है |' चर्चा कीजिए |

भव्य , प्रिया और काव्या चर्चा करते हुए|

भव्य : काव्या, तुम्हारे भाई दीपने तो सचमुच कमाल करे दिया | कल मैच में उसने दोहरा शतक बनाया | उसे खेलते देखना कितना अच्छा लगा रहा था |

काव्या : उसे बचपन से ही क्रिकेट का बहुत शौक है | छोटा था तो घर का आँगन में माँ गेंदबाजी करती थी और वो बल्लेबाजी करता था | स्कूल और कॉलेज में भी वो खेलता था |

प्रिया : हां, अब उसका अभ्यास सचमुच रंग लाया है |

काव्या : राष्ट्रीय टीम के लिए भी उसे चुन लिया गया है |

प्रिया : क्रिकेट ही नही, किसी भी क्षेत्र में सच्ची लगन से किया गया परिश्रम एक दिन अवश्य अफळ होता है | बड़े-बड़े वैज्ञानिक, लेखक, संगीतकार नेता, अभिनेता सब कड़ी महेनत करके ही आगे आए है |

भव्य : लेकिन भाग्य का भी तो साथ होना चाहिए |

काव्या : में तो मानती हु की कड़ी महेनत, दृढ निश्चय और प्रतिभा से ही भाग्य बनाता है | जिसके पास ये तीनो है, वही भाग्यवान है और वही सफलता प्राप्त करता है |