Chapter Chosen

भारत

Book Chosen

हिन्दी कक्षा 8 प्रथम सत्र

Subject Chosen

हिंदी

Book Store

Download books and chapters from book store.
Currently only available for
CBSE Gujarat Board Haryana Board

Previous Year Papers

Download the PDF Question Papers Free for off line practice and view the Solutions online.
Currently only available for
Class 10 Class 12

सर्वदमन के व्यवहारों को देखकर दुष्यंत के मन में कोन-कौन-से विचार आते थे ?


सर्वदमन के व्यवहारों को देखकर दुष्यंत बहुत आनंदिता होते है | उनके मन में सर्वदमन के प्रति उमड़ आता है | सर्वदमन के मुख पर अग्नि जैसी दमक देखकर उन्हें आश्वर्य होता है | उन्हें लगता है की यह निश्चय ही किसी तेजःसवी वीरा का पुत्र है | बालक के हाथ में चक्रवर्तियो जैसे लक्षण और उसकी कलम जैसी हथेली देखकर वे ानदा और आश्चर्य में डूबा झाटे है | सर्वदमन के हाथ से सिहशावक छुड़ाते समय वे बालक के हाथ का स्पर्श कर अत्यत सुख का अनुभव करते है | वे सोचते है की जब उन्हें इतना सुख होता है तो जिस भाग्यवान का यह बेटा है, उसे कितना उखा होगा |

इस प्रकार सर्वदमन के व्यवहारों को देखकर दुष्यंत के मन में तरह-तरह के विचार आते थे |


इस एकाकी में निम्नलिखित पात्रो में अतनिरहिता मूल्य बताइए |

(१) दुष्यंत 
(२) सर्वदमन


(१) दुष्यंत - राजा दुष्यंत कोमल हृदय के व्यक्ति है | बालक सर्वदमन की बालचेष्टाए उन्हें मुग्ध कर देती है | उसके प्रति राजा के मन में स्नेह उमड़ने लगता है | वे सोचते है की यह उनका पुत्र होता तो कितना अच्छा होता ! फ़िर ऐसी घटनाए घटती है जिनसे सिद्व हो झाटा है की बालक सर्वदमन उन्ही का युत्र है | तब दुष्यंत के नदा की सीमा नहीं रहती | उनका पितृहृदय वात्सल्य से भरा आता है |

(२) सर्वदमन - सर्वदमन असाधारण बालक है | आश्रम की तपश्विनिया उसे सिहशावक को छोड़ देने के लिए समझाती है, पर वह उनकी बात नहीं मानता | दूष्यंत से वहा ज़रा भी परिचित नहीं है, फ़िर भी वह उनके कहने पर सिहशावक को छोड़ देता है | उसकी सूरत भी दुष्यंत की सूरत से मिलती है | 'अपराजित' नामक रक्षासूत्र भी प्रमाणित कर देता है की सर्वदमन दुष्यंत का ही पुत्र है | इस प्रकार पिता और पुत्र दोनों एक-दूसरे से अनजान है, फ़िर भी उनके बिच पिता-पुत्र जैसी भावधारा बहाने लगती है |


ऋषियों ने बालक का नाम सर्वदमन क्यों रखा ?

बालक वन के पशुओ के बच्चो के साथ निडर होकर खेलता था | उसके इसी साहसी और निर्भिका स्वभाव के कारण ऋषियों ने उसका नाम सर्वदमन रखा था |



(१) एक अच्छा जंगल 'जैविक भडार घर' कहलाता है |

(२) जंगल ज्यादा छांटने या खत्म करने से अत्यत उपयोगी और जरुरत के समय काम आनेवाली बहुमूल्य वस्त्य नष्ट हो झाती है |

(३) उचित शीर्षक " हमारा कर्तव्य - जंगल की रुरक्षा |

(४) पर्यायवाची शब्द : जंगल - वन

                        घर = गृह , आवास

                        बहुत - अधिक

(५) - जंगलो की सुरक्षा क्यों आवश्यक है ?
   - जंगल हमारे लिए महत्वपूर्ण क्यों है ?


इस एकाकी के आधार पर बालक सर्वदमन की विशेषताओ का वर्णन कीजिए |

सर्वदमन, सुंदर, स्वस्थ और आकर्षक बालक है | उसका मुख अग्नि के समान दमक रहा है | उसका साहाही और निर्भय स्वभाव देखकर आस्चर्य होता है | सिहसावक के साथ खेलने में वह झरा भी नहीं डरता | शावक की माँ सिहानी का भी उसे भय नहीं है | वह इतना हाड़ी है की तपस्विनियो के समझाने का उस पर कोई असर नहीं होता | उसके हाथ में चक्रवर्ती सम्राट के लक्षण है | उसे खिलौनों से श्वाभाविका लगाव है |