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दबा हुआ आदमी एक कवि है, यह बात कैसे पता चली और इस जानकारी का फाइल की यात्रा पर क्या असर पड़ा?


जब पड़ वेन नीचे दबे व्यक्ति को माली ने यह उम्मीद दिलाई कि कल सेक्रेटेरियट के सारे सेक्रेटरियों की मीटिंग में तुम्हारा केस रखा जाएगा और सब काम ठीक हो जाएगा, तब दबे हुए व्यक्ति के मुँह से एक शेर निकल पड़ा। माली जान गया कि यह व्यक्ति कवि है,। माली से बात चलकर सारे दफ्तरों तक पहुँच गई और सभी जान गए कि यह व्यक्ति कवि है।

इस जानकारी के बाद उसकी फाइल को एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट से मँगाकर कल्चरल डिपार्टमेंट को भेजा गया। फिर वहाँ सेक्रेटरी अनया इससे और देर हो गई। वे उसे अपना मेंबर बनाने के काम में तो लग गए, पर पेड़ को काटने में अपनी असमर्थता प्रकट कर दी। अब वह फाइल कई विभागों में घूमती रही।

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कृषि विभाग वालों ने मामले को हॉर्टीकल्चर विभाग को सौंपने के पीछे क्या तर्क दिया?


कृषि विभाग वालों ने पेड़ के नीचे दबे हुए व्यक्ति के मामले को हॉर्टीकल्चर विभाग को सौंप दिया। उनका तर्क था-हम इस मामेल को हॉर्टीकल्चर डिपार्टमेंट के हवाले कर रहे हैं, क्योंकि यह एक फलदार पेड़ का मामला है और एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट अनाज और खेती-बाड़ी के मामलों में फैसला करने का हकदार है। जामुन का पेड़ चूँकि एक फलदार पेड़ है, इसलिए यह पेड़ हाँर्टीकल्चर डिपार्टमेंट के अंतर्गत आता है।

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बेचारा जामुन का पेड़। कितना फलदार था। और इसकी जामुनें कितनी रसीली होती थीं।

(क) ये संवाद कहानी के किस प्रसगं में आए हैं?

(ख) इससे लोगों की किस मानसिकता का पता चलता है?


(क) यह संवाद सेक्रेटरिएट के दो क्लर्को का है। जब सेक्रेटेरिएट के लॉन में आँधी आने के कारण जामुन का एक पेड़ गिर पड़ा और उसके नीचे एक आदमी दब गया तब उसे देखने वहाँ के बाबू एकत्रित हो गए। उन्हें उस व्यक्ति की कोई चिंता न थी बल्कि वे पेड़ की जामुनों का गुणगान कर रहे थे।

(ख) इससे लोगों की इस मानसिकता का पता चलता है कि वे घोर स्वार्थी किस्म के हैं। वे संवेदनाहीन हैं। उन्हें पेड़ के नीचे दबे व्यक्ति का दुख नजर नहीं आता। उन्हें तो सिर्फ अपना स्वार्थ दिखाई देता है। यह संसार उपयोगितावादी है।

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इस पाठ में सरकार के किन-किन विभागों की चर्चा की गई है और पाठ से उनके कार्य के बारे में क्या अंदाजा मिलता है?


इस पाठ में सरकार के निम्नलिखित विभागों की चर्चा की गई है-

1. व्यापार विभाग। 2. कृषि विभाग।

3. हाँर्टीकल्चर विभाग। 4. कल्चरल डिपार्टमेंट।

5. साहित्य अकादमी। 6. मेडिकल डिपार्टमेंट।

7. विदेश विभाग। 8. फ़ॉरेस्ट डिपार्टमेंट।

उपर्युक्त सभी विभाग लाल फीताशाही की गिरफ्त में है। कोई विभाग निर्णय लेने में सक्षम नहीं है। सभी अपनी जिम्मेदारी दूसरे पर डालने को तत्पर रहते हैं। वे. दूसरे विभाग की आलोचना भी करते हैं। इनमें काम करने वाले व्यक्ति संवदेनशून्य हैं।

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कहानी में दो प्रसंग ऐसे हैं, जहां लोग पेड़ के नीचे दबे आदमी को निकालने के लिए कटिबद्ध होते हैं। ऐसा कब-कब होता है और लोगों का यह संकल्प दोनों बार किस-किस वजह से भंग होता है।


पहली बार सेक्रेटेरिएट के कुछ माली तथा क्लर्क पेड़ के नीचे दबे आदमी को निकालने के लिए कटिबद्ध होते हैं, पर उन्हें सुपरिंटेंडेंट आकर रोक देता है। वह फाइल को कृषि विभाग को भेजने और यहाँ से स्वीकृति पाने का अंडगा डाल देता है। दूसरी बार फॉरेस्ट विभाग चेन आदमी आरी-कुल्हाड़ी लेकर पेड़ को काटकर दबे व्यक्ति को निकालने आते हैं। वे काम शुरू करें, इससे पहले विदेश विभाग का आदेश आ जाता है। काम रूक जाता है। तर्क है कि इसे पीटोनिया न्धा के प्रधानमंत्री ने दस साल पहले लगाया। पेड़ वेन कटने से आपसी सबध बिगड़ जाएँगे।

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