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औपचारिक पत्र और अनौपचारिक पत्र लेखन – एनसीईआरटी Hindi NCERT Solutions

Rahul Kumar 0

औपचारिक पत्र और अनौपचारिक पत्र पत्र लेखन – एनसीईआरटी Hindi NCERT Solutions

पत्र के माध्यम से हम वैयक्तिक विचार, चिंतन, अनुभूति और संवेदनाओं की अभिव्यक्ति करते हैं,

कार्यालय की औपचारिकताओं के संदर्भ में तथा पत्र-पत्रिकाओं में अपनी समस्याओं को व्यक्त करवाने में भी पत्र-लेखन का विशेष महत्व हैं।

पत्र लेखन एक प्रभावशाली कला है, जो दूसरों को प्रभावित ही नहीं करती है, अपितु उद्देश्य-पूर्ति में भी सहायक होती है। पत्र लिखते समय आप को यह ध्यान रखना है की जो पत्र आप लिख रहे हैं पढ़ने वाले को कितना समझ में आएगा ।

पत्र की विषय-वस्तु, भाषा तथा शैली, लेखक की योग्यता, मनःस्थिति, वैचारिकता एवं संवेदनात्मकता को प्रकट करती है। अवसर के अनुकूल ही पत्रों का स्वरूप, भाषा और विषय निर्धारित होते हैं। अतः पत्र व्यक्तित्व की अभिव्यंजना करने में समर्थ होते हैं।

सरल भाषा का उपयोग हमेशा अच्छा माना जाता हैं।


पत्र लेखन को दो वर्गो में विभाजित किया जाता है –  Hindi NCERT Solution Letter Writing 

औपचारिक पत्र (Formal Letter)

अनौपचारिक पत्र (Informal Letter)


पत्र चाहे औपचारिक हो या अनौपचारिक, सामान्यतः पत्र के निम्नलिखित अंग होते हैं, जैसे-

  • पता और दिनांक
  • संबोधन तथा अभिवादन शब्दावली का प्रयोग
  • पत्र की सामग्री
  • पता की समाप्ति, स्वनिर्देश और हस्ताक्षर

औपचारिक पत्र: Hindi NCERT Solution

इस प्रकार के पत्र संस्था के अधिकारी एवं कार्यालय के अधिकारी को लिखा जाता हैं। औपचारिक पत्र लेखन में मुख्यतः संदेश, सूचना एवं तथ्यों का ही अधिक महत्व दिया जाता हैं।

औपचारिक पत्र लेखन में

  • शीर्ष भाग में पत्र-प्रेक्षक का पता बायीं ओर लिखा जाता है तथा पत्र-प्रेषक अपना नाम के नीचे स्वनिर्देशि के बाद लिखते हैं।
  • मध्य भाग में संदेश का विवरण होता हैं।
  • अंतिम भाग आभार सूचक वाक्य जैसे धन्यवाद आदि का प्रयोग किया जाता हैं।

जब हम किसी को पत्र लिखना (patra lekhan) शुरू करते हैं तो उस व्यक्ति के लिए किसी न किसी संबोधन शब्द का प्रयोग किया जाता है। जैसे- पूज्य/आदरणीय/पूजनीय/श्रद्धेय/प्रिय/प्रियवर/मान्यवर

औपचारिक स्थिति में-

मान्यवर/प्रिय महोदय/महोदया
प्रिय श्री / श्रीमती / सुश्री / नाम या उपनाम
प्रिय – नाम – जी आदि।

औपचारिक पत्र – पत्र लेखन नमूना
हिन्दी सरकारी पत्र लेखन में निवास प्रमाण पत्र हेतु आवेदन पत्र, आय प्रमाण पत्र हेतु आवेदन पत्र, जन्म प्रमाण पत्र ऑनलाइन आवेदन, और शासकीय पत्र लेखन आदि शामिल है ! अक्सर लोगों का यह प्रश्न होता है कि आवेदन पत्र कैसे लिखे ।


अनौपचारिक पत्र (Informal Letter)

अनौपचारिक पत्रों में महोदय / महोदय संबोधन शब्द के बाद अल्पविराम का प्रयोग नहीं किया जाता है, क्योंकि अगली पंक्ति में हमें अभिवादन के लिए कोई शब्द नहीं देना होता हैं।

इस प्रकार के पत्र अपने परिवार के लोग मित्र एवं निकट संबंधियों को लिखे जाते हैं। इस तरह के पत्र लेखन में व्यक्तिगत सुख-दुख का ब्योरा एवं विवरण के साथ व्यक्तिगत संबंध को उल्लेख किया जाता हैं।

अनौपचारिक पत्रों में अपने से बड़े के लिए नमस्कार, नमस्ते, प्रमाण जैसे अभिवादनों का प्रयोग होता हैं।

पत्र लेखन प्रारूप – ध्यान देना अति आवश्यक है जो आपके पत्र लेखन को आसान बना देता है वह कैसे आप को उदाहरण देकर मैं समझाता हूं !

अनौपचारिक पत्र लेखन में

  • शीर्ष भाग में पता, दिनांक, संबोधन और प्रशस्ति आते हैं।
  • मध्य भाग में संदेश व कथा का विवरण होता हैं।
  • अंतिम भाग आभार सूचक वाक्य जैसे आप का, प्रणाम, धन्यवाद आदि का प्रयोग किया जाता हैं।

Hindi NCERT Solution class 10

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