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देशबन्धु चित्तरञ्जनदास – राजनीतिज्ञ, वकील, कवि, पत्रकार तथा स्वतंत्रता आन्दोलन के प्रमुख नेता

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देशबन्धु चित्तरञ्जनदास (1870-1925 ई.) सुप्रसिद्ध भारतीय नेता, राजनीतिज्ञ, वकील, कवि, पत्रकार तथा भारतीय स्वतंत्रता आन्दोलन के प्रमुख नेता थे। उन्होंने कई बड़े स्वतंत्रता सेनानियों के मुकद्दमे भी लड़े। जन्म और…

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विश्व बालश्रम विरोधी दिवस – 12 जून

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विश्व बालश्रम विरोधी दिवस हर साल 12 जून को मनाया जाता है। यूएन के सभी सदस्य देशो मे ये मनाया जाता है। बालश्रम की वैश्विक समस्या पर विचार विमर्श और…

पापं कर्तुमृणं कर्तुं मन्यन्ते मानवाः सुखम् । परिणामोSतिगहनो महतामपि नाशकृत ॥

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पापं कर्तुमृणं कर्तुं मन्यन्ते मानवाः सुखम् । परिणामोSतिगहनो महतामपि नाशकृत ॥ भावार्थ: कोई पापकर्म करते समय या ऋण लेते समय लोग सुख का अनुभव करते है, परन्तु इनका परिणाम अत्यन्त…

लोकाः स्त्रीषु रताः स्त्रियश्च चपलाः पुत्राः पितुर्द्वेषिणः । साधुः सीदति दुर्जनः प्रभवति प्राप्ते कलौ दुर्युगे ॥

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लोकाः स्त्रीषु रताः स्त्रियश्च चपलाः पुत्राः पितुर्द्वेषिणः । साधुः सीदति दुर्जनः प्रभवति प्राप्ते कलौ दुर्युगे ॥ भावार्थ: कलियुग के प्रारम्भ होने पर पुरुष स्त्रियों के प्रति अत्यधिक आसक्त हो जाते…

सेवेव मानमखिलं ज्योत्स्नेव तमो जरेन लावण्यम् । हरिहरकथेन दुरितं गुणशतमप्यर्थिता हरति ॥

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सेवेव मानमखिलं ज्योत्स्नेव तमो जरेन लावण्यम् । हरिहरकथेन दुरितं गुणशतमप्यर्थिता हरति ॥ भावार्थ: किसी का सेवक बनने पर सारा मान सम्मान नष्ट हो जाता है, चन्द्रमा की ज्योत्स्ना से रात्रि…

तावन्मतां महती यावत्किमपि हि न याच्यते लोकम् । बलिमनुयाचनसमये श्रीपतिरपि वामनो जातः ॥

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तावन्मतां महती यावत्किमपि हि न याच्यते लोकम् । बलिमनुयाचनसमये श्रीपतिरपि वामनो जातः ॥ भावार्थ: महान और यशस्वी व्यक्ति भी तभी तक अपनी महानता को बनाये रखते हैं जब तक कि…

अविद्यः पुरुषः शोच्यः शोच्यं मिथुनमप्रजं । निराहारः प्रजाः शोच्या शोच्यं राष्ट्रमराजकं ॥

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अविद्यः पुरुषः शोच्यः शोच्यं मिथुनमप्रजं । निराहारः प्रजाः शोच्या शोच्यं राष्ट्रमराजकं ॥ भावार्थ: विद्या विहीन (मूर्ख) व्यक्ति और सन्तानहीन दंपति शोचनीय हैं। इसी प्रकार वह प्रजा शोचनीय है जिसे भरपेट…

अहो प्रकृतिसादृश्यं श्लेष्मणो दुर्जनस्य च । मधुरैः कोपमायाति कटुकेनैव शाम्यते ॥

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अहो प्रकृतिसादृश्यं श्लेष्मणो दुर्जनस्य च । मधुरैः कोपमायाति कटुकेनैव शाम्यते ॥ भावार्थ: अहो ! कफ़ और एक दुर्जन व्यक्ति की प्रकृति में कितनी समानता है। दोनों मधुरता के अधिक कुपित…

काकः आहूयते काकान् याचको न तु याचकान् । काकयाचकयोर्मध्ये वरं काको न याचकः।।

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काकः आहूयते काकान् याचको न तु याचकान् । काकयाचकयोर्मध्ये वरं काको न याचकः।। भावार्थ: किसी भोज्य वस्तु को पा कर एक कव्वा कांव कांव का शोर मचा कर अन्य कव्वों…

विश्व यूएफओ दिवस – World UFO Day 2 July

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विश्व यूएफओ दिवस एक वार्षिक जागरूकता दिवस है जो अज्ञात उड़ती वस्तुओं और अलौकिक जीवन के निस्संदेह अस्तित्व की खोज के प्रति उत्सुकता बढ़ाता है। यह 2 जुलाई को मनाया…

चन्द्र शेखर सिंह – भारत के आठवें प्रधानमंत्री

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चन्द्र शेखर सिंह ( जन्म- 1 जुलाई, 1927, उत्तर प्रदेश; मृत्यु- 8 जुलाई, 2007) भारत के आठवें प्रधानमंत्री थे। उन्हें युवा तुर्क का सम्बोधन उनकी निष्पक्षता के कारण प्राप्त हुआ…

करोति यः परद्रोहं जनस्यानपराधिनः । तस्य राज्ञः स्थिरापि श्रीः समूलं नाशमृच्छति ॥

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करोति यः परद्रोहं जनस्यानपराधिनः । तस्य राज्ञः स्थिरापि श्रीः समूलं नाशमृच्छति ॥ भावार्थ: एक राजा (या शासक) जो अकारण ही परद्रोही होता है वह अपनी प्रजा की दृष्टि मे एक…

कः कालः कानि मित्राणि को देशः कौ व्ययागमौ । कश्चाहं का च मे शक्तिरिति चिन्त्यं मुहुर्मुहुः ॥

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कः कालः कानि मित्राणि को देशः कौ व्ययागमौ । कश्चाहं का च मे शक्तिरिति चिन्त्यं मुहुर्मुहुः ॥ भावार्थ: कैसा समय (परिस्थिति) है, कौन मेरे मित्र हैं, में किस देश में…

आशुतोष मुखर्जी – बंगाल के ख्यातिलब्ध बैरिस्टर तथा शिक्षाविद

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आशुतोष मुखर्जी (1864-1924), बंगाल के ख्यातिलब्ध बैरिस्टर तथा शिक्षाविद थे। वे सन् 1906 से 1914 तक कोलकाता विश्वविद्यालय के उपकुलपति रहे। उन्होंने बंगला तथा भारतीय भाषाओं को एम.ए. की उच्चतम…

दामोदर धर्मानंद कोसांबी – प्रतिभा सम्पन्न वैज्ञानिक, भाषा विज्ञानी और गणितज्ञ

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दामोदर धर्मानंद कोसांबी का जन्म 31 जुलाई, 1907 ई. को गोवा में हुआ था। धर्मानंद प्राचीन भारतीय इतिहास के प्रसिद्ध विद्वान, भाषा-वैज्ञानिक और गणितज्ञ माने जाते थे। इनके पिता बौद्ध…

बाबू देवकीनन्दन खत्री – हिंदी के प्रथम तिलिस्मी लेखक

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बाबू देवकीनन्दन खत्री (29 जून 1861 – 1 अगस्त 1913) हिंदी के प्रथम तिलिस्मी लेखक थे। हिंदी भाषा के प्रचार प्रसार में उनके उपन्यास चंद्रकांता का बहुत बड़ा योगदान रहा…

प्रशान्त चन्द्र महालनोबिस – प्रसिद्ध भारतीय वैज्ञानिक एवं सांख्यिकीविद

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प्रशान्त चन्द्र महालनोबिस एक प्रसिद्ध भारतीय वैज्ञानिक एवं सांख्यिकीविद थे। उन्हें दूसरी पंचवर्षीय योजना के अपने मसौदे के कारण जाना जाता है। भारत की स्वत्रंता के पश्चात नवगठित मंत्रिमंडल के…

के. जी. सुब्रह्मण्यन – भारतीय आधुनिक कला के प्रणेताओ मे से एक

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के. जी. सुब्रह्मण्यन का जन्म 1924 में कुथुपरम्बा केरल, भारत में हुआ था, और शुरू में उन्होंने मद्रास के प्रेसीडेंसी कॉलेज में अर्थशास्त्र की पढ़ाई की। शिक्षा स्वतंत्रता संग्राम के…

एकेन शुष्कवृक्षेण दह्यमानेन वह्निना । दह्यते तद्वनं सर्वं दुष्पुत्रेण कुलं यथा ॥

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एकेन शुष्कवृक्षेण दह्यमानेन वह्निना । दह्यते तद्वनं सर्वं दुष्पुत्रेण कुलं यथा ॥ भावार्थ : किसी वन मे एक सूखा वृक्ष भी आग पकड्ने और फैलने पर संपूर्ण वन को जला…

राघवयादवीयम् – एक अद्भुत ग्रंथ जिसे ‘अनुलोम-विलोम काव्य’ भी कहते है

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राघवयादवीयम् नामक अति दुर्लभ एक ग्रंथ ऐसा भी है हमारे संस्कृत साहित्य मे, इसे तो सात आश्चर्यों में से पहला आश्चर्य माना जाना चाहिए — यह है दक्षिण भारत का…

દુનિયાનું પ્રથમ ATM – The first ATM of the world

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આજ કાલ આપણે એવી કેટલીય સગવડો વાપરતા હોઈએ છીએ કે તેમનાથી એવા ટેવાઇ જવાય છે અને તે ક્યારે શરૂ થઈ એ જાણીએ તો આશ્ચર્ય થયા વિના ના રહે. આવું જ…

वर्साय की सन्धि (Versailles treaty) प्रथम विश्वयुद्ध की औपचारिक समाप्ति।

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वर्साय की सन्धि प्रथम विश्वयुद्ध की समाप्ती के लिए विजेता राष्ट्रो और पराजित जर्मनी के बीच हुई, जिस पर 28 June 1919 को हस्ताक्षर हुए। इसकी वजह से जर्मनी को…

जसपाल राणा – भारत के प्रसिद्ध निशानेबाज

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जसपाल राणा (जन्म- 28 जून, 1976, चिलामू, टिहरी गढ़वाल) भारत के प्रसिद्ध निशानेबाज हैं। वर्ष 1995 की कॉमनवेल्थ शूटिंग चैंपियनशिप में 8 स्वर्ण जीतकर जसपाल राणा ने नया रिकॉर्ड बनाया…

पी. वी. नरसिम्हा राव – भारत के नौवे प्रधानमंत्री

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पी. वी. नरसिम्हा राव यानि पामुलापति वेंकट नरसिंह राव (जन्म- 28 जून, 1921, मृत्यु- 23 दिसम्बर, 2004) भारत के नौवें प्रधानमंत्री के रूप में जाने जाते हैं। इनके प्रधानमंत्री बनने…

पात्रं न तापयति नैव मलं प्रसूते स्नेहं न संहरति नैव गुणान् क्षिणोति । द्रव्याSवसानसमये चलतां न धत्ते सत्पुत्र एव कुलसद्मनि कॊSपि दीपः ॥

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पात्रं न तापयति नैव मलं प्रसूते स्नेहं न संहरति नैव गुणान् क्षिणोति । द्रव्याSवसानसमये चलतां न धत्ते सत्पुत्र एव कुलसद्मनि कॊSपि दीपः ॥ भावार्थ : एक सत्पुत्र एक दीपक के…

ઓનલાઈન શિક્ષણ – આજના બદલાયેલા સંજોગોમાં

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ઓનલાઈન શિક્ષણ અત્યાર સુધી કેટલાક વિશિષ્ટ લોકો, શાળાઓ, સંસ્થાઓ અને મોટે ભાગે Online Education Platforms માટેનો કોન્સેપ્ટ હતો. આપણે સહુ જાણીએ છીએ કે ઓનલાઇલ શિક્ષણ એ પ્રત્યક્ષ અથવા શાળાકીય શિક્ષણનું…

आशाया कृतदासो यः स दासः सर्वदेहिनां । आशा दासीकृता येन तस्य दासायते जगत् ॥

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आशाया कृतदासो यः स दासः सर्वदेहिनां । आशा दासीकृता येन तस्य दासायते जगत् ॥ भावार्थ : जिस व्यक्ति को आशा (बिना प्रयत्न किये ही किसी कार्य के सम्पन्न हो जाने…

मुनि तरुण सागर – प्रसिद्ध दिगंबर जैन मुनि या संत

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मुनि तरुण सागर जैन धर्म के भारतीय दिगम्बर पंथ के प्रसिद्ध मुनि थे। उन्होंने पूरे देश में भ्रमण किया। बचपन से ही तरुण सागर मुनि का अध्यात्म की और बड़ा…

राम राघोबा राणे – 1947 युद्ध के परमवीर चक्र विजेता

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राम राघोबा राणे वो परमवीर है जिन्हे यह सम्मान जीवित रहते प्राप्त हुआ। हम जानते है की PVC हमारे देश का सर्वोच्च सैनिक सम्मान है। जब किसी सैनिक का कार्य…

अंतर्राष्ट्रीय मादक पदार्थ सेवन और तस्करी निरोध दिवस – 26 June

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अंतर्राष्ट्रीय मादक पदार्थ सेवन और तस्करी निरोध दिवस वैश्विक कार्यवाही को मजबूत करने और मादक पदार्थो से मुक्त आंतरराष्ट्रीय समाज के लक्ष की प्राप्ति मे सहयोग करने के लिए प्रतिवर्ष…

अपूज्या यत्र पूज्यन्ते पूज्यानां तु विमानना । त्रीणि तत्र प्रवर्तन्ते दुर्भिक्षं मरणं भयं ॥

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अपूज्या यत्र पूज्यन्ते पूज्यानां तु विमानना । त्रीणि तत्र प्रवर्तन्ते दुर्भिक्षं मरणं भयं ॥ भावार्थ: जिस देश या समाज में अपूज्य और अयोग्य व्यक्तियों का सम्मान होता है और पूजनीय…

विश्वनाथ प्रताप सिंह – भारत के आठवें प्रधानमंत्री

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विश्वनाथ प्रताप सिंह भारत के आठवें प्रधानमंत्री थे और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री भी रह चुके है। प्रधानमंत्री के तौर पर उनका शासन 2 दिसम्बर 1989 से 10 नवम्बर 1990,…

आपातकाल – लोकशाही का काला अध्याय

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25 जून 1975 से 21 मार्च 1977 तक का 21 महीने की अवधि में भारत में आपातकाल घोषित था। तत्कालीन राष्ट्रपति फ़ख़रुद्दीन अली अहमद ने तत्कालीन भारतीय प्रधानमंत्री इन्दिरा गांधी…

મૂળશંકર ભટ્ટ – સાહિત્યકાર કેળવણીકાર અને ગુજરાતના ‘જૂલે વર્ન’

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મૂળશંકર ભટ્ટ ભાવનગરના વતની અને ભાવનગરથી શિક્ષિત થયા તેમણે ભાવનગરની દક્ષિણામુર્તિથી અભ્યાસ પૂર્ણ કર્યો હતો. તેમણે 1921 માં મેટ્રિક કર્યું હતું. તેમણે મુખ્ય વિષય તરીકે સંગીતનો અભ્યાસ કર્યો હતો. હિન્દી-ગુજરાતી…

परमवीर ले. मनोजकूमार पांडेय – “Hero of Batalik”

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परमवीर ले. मनोजकूमार पांडेय का नाम सुनते ही नापाक पड़ोसी से कारगिल युद्ध की भयानक याद जहन मे आ जाती है। भारत ने पाकिस्तान से हुए सभी युद्ध जीते है,…

आपदि मित्र परीक्षा शूर परीक्षा रणाङ्गणे भवति । विनये वंशपरीक्षा स्त्रियः परीक्षा तु निर्धने पुंसि ॥

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आपदि मित्र परीक्षा शूर परीक्षा रणाङ्गणे भवति । विनये वंशपरीक्षा स्त्रियः परीक्षा तु निर्धने पुंसि ॥ भावार्थ : एक मित्र की असली परीक्षा किसी प्रकार की आपदा उपस्थित होने पर…

पं. श्रद्धाराम शर्मा – लोकप्रिय आरती ओम जय जगदीश हरे के रचयिता

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पं. श्रद्धाराम शर्मा (श्रद्धाराम फिल्लौरी) लोकप्रिय आरती ओम जय जगदीश हरे के रचयिता हैं। इस आरती की रचना उन्होंने 1870 में की थी। वे सनातन धर्म प्रचारक, ज्योतिषी, स्वतंत्रता संग्राम…

रानी दुर्गावती – युद्ध मे लड़ते हुए वीरगति प्राप्त गोंडवाना की शासक

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रानी दुर्गावती गोंडवाना की शासक थीं, जो भारतीय इतिहास की सर्वाधिक प्रसिद्ध रानियों में गिनी जाती हैं। दुर्गावती ने 16 वर्ष तक राज संभाला और अपनी किर्ति चरो दिशाओ मे…

दरबान सिंह नेगी – “विक्टोरिया क्रॉस” पाने वाले चंद भारतीय सैनिकों में से एक

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दरबान सिंह नेगी (जन्म- 4 मार्च, 1883; मृत्यु- 24 जून, 1950) प्रथम विश्व युद्ध के दौरान उन चंद भारतीय सैनिकों में से एक थे, जिन्हें ब्रिटिश राज का सबसे बड़ा…

ओंकारनाथ ठाकुर – काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के गन्धर्व महाविद्यालय के प्रधानाचार्य

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ओंकारनाथ ठाकुर (1897–1967) भारत के शिक्षाशास्त्री, संगीतज्ञ एवं हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीतकार थे। उनका सम्बन्ध ग्वालियर घराने से था। उन्होने वाराणसी में महामना पं॰ मदनमोहन मालवीय के आग्रह पर बनारस हिन्दू…

आपदर्थे धनं रक्षेद्वारन्रक्षेद्धनैरपि । आत्मानं सततं रक्षेद्वारैरपि धनैरपि ॥

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आपदर्थे धनं रक्षेद्वारन्रक्षेद्धनैरपि । आत्मानं सततं रक्षेद्वारैरपि धनैरपि ॥ भावार्थ: एक बुद्धिमान् व्यक्ति को अचानक उपस्थित होने वाली आपदाओं से सुरक्षा हेतु धन संपत्ति बचा कर रख्रनी चाहिये तथा अपने…

आचार्य श्री तुलसी – अणुव्रत अनुशास्ता युगप्रधाना

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आचार्य तुलसी (20 अक्टूबर 1914 – 23 जून 1997) जैन धर्म के श्वेतांबर तेरापंथ के नवें आचार्य थे। वो अणुव्रत और जैन विश्व भारती विश्वविद्यालय के प्रवर्तक हैं एवं 100…

प्लासी का युद्ध – सिर्फ 300 सैनिको, रिश्वत एवं आपसी फुट से जीता गया युद्ध

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प्लासी का युद्ध 23 जून 1757 को मुर्शिदाबाद के दक्षिण में 22 मील दूर नदिया जिले में भागीराथी नदी के किनारे ‘प्लासी’ नामक स्थान में हुआ था। इस युद्ध में…

डॉ॰ श्यामाप्रसाद मुखर्जी – शिक्षाविद्, चिन्तक और जनसंघ के संस्थापक

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डॉ॰ श्यामाप्रसाद मुखर्जी (जन्म: 6 जुलाई 1901 – मृत्यु: 23 जून 1953) शिक्षाविद्, चिन्तक और भारतीय जनसंघ के संस्थापक थे। 6 जुलाई 1901 को कलकत्ता के अत्यन्त प्रतिष्ठित परिवार में…

बारिश की बात – बारिश पड़े तो भागिए नहीं

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बारिश पड़े तो भागिए नहीं……. छत नहीं खोजिये…….. छाते कभी-कभार बंद रखिये…… किस बात का डर है……? भीग जायेंगे न………..? तो क्या हुआ…… पिघलेंगे नहीं.. …. फिर से सूख जायेंगे..…

International Olympic Day – अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक दिवस – 23 June

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International Olympic Day वैसे तो अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक दिवस की शुरुआत 23 जून 1948 को हुई पर इससे काफी पहले ओलंपिक गेम्स (Olympic Games) की शुरुआत की जा चुकी थी। पहला…

ગિજુભાઈ બધેકા – મૂછાળી મા ના નામથી જાણીતા શિક્ષણવિદ્

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ગિજુભાઈ બધેકા (૧૫ નવેમ્બર ૧૮૮૫ – ૨૩ જૂન ૧૯૩૯) શિક્ષણવિદ્ હતા, જેમણે ભારતમાં મોન્ટેસરી શિક્ષણની રજૂઆતમાં અગત્યનો ભાગ ભજવ્યો હતો. તેઓ “મૂછાળી મા” ના હૂલામણાં નામથી જાણીતા હતા. તેઓ શિક્ષણવિદ્…

अन्तरराष्ट्रीय विधवा दिवस – International Widow’s Day – 23 June

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अन्तरराष्ट्रीय विधवा दिवस – International Widows Day पूरे विश्व में प्रतिवर्ष 23 जून को मनाया जाता है। यह दिवस विधवा महिलाओं की समस्याओं के प्रति समाज में जागरुकता फ़ैलाने के…

कनिष्क विमान हादसा – 23 June 1985 – केनेडा का सबसे बड़ा विमान हादसा

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‘आज के दिन साल 1985 में कनाडाई एक ऐसी खबर के साथ उठे जिसपर भरोसा नहीं हो रहा था और जिस खबर ने हमारे देश को गहरे सदमे में डाल…

अपुत्रत्वं भवच्छ्रेयो न तु स्याद्विगुणः सुतः । जीवन्नप्यविनीतोSसौ मृत एव न संशयः ॥

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अपुत्रत्वं भवच्छ्रेयो न तु स्याद्विगुणः सुतः । जीवन्नप्यविनीतोSसौ मृत एव न संशयः ॥ भावार्थ: एक गुणहीन पुत्र के होने से तो पुत्र हीन होना ही श्रेयस्कर है क्योंकि ऐसा पुत्र…

अमरीश पुरी – हिन्दी फिल्मों के एक जानदार कलाकार

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अमरीश पुरी (जन्म:22 जून 1932 -मृत्यु:12 जनवरी 2005) चरित्र अभिनेता मदन पुरी के छोटे भाई अमरीश पुरी हिन्दी फिल्मों की दुनिया का एक प्रमुख स्तंभ रहे हैं। अभिनेता के रूप…

ज्यूसेपे मेत्सिनी – ‘इटली का स्पन्दित हृदय’

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राजाओ, जमीनदारो या संस्थानवादियो ने दुनियामे कहर ढाने मे कोई कमी नहीं रखी थी। समय इधर उधर हो सकता है, पर एशिया या यूरोप हर जगह दमन सामान्य जानो का…