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आपदि मित्र परीक्षा शूर परीक्षा रणाङ्गणे भवति । विनये वंशपरीक्षा स्त्रियः परीक्षा तु निर्धने पुंसि ॥

Pankaj Patel 0
आपदि मित्र परीक्षा शूर परीक्षा रणाङ्गणे भवति । विनये वंशपरीक्षा स्त्रियः परीक्षा तु निर्धने पुंसि ॥

आपदि मित्र परीक्षा शूर परीक्षा रणाङ्गणे भवति ।
विनये वंशपरीक्षा स्त्रियः परीक्षा तु निर्धने पुंसि ॥

भावार्थ :

एक मित्र की असली परीक्षा किसी प्रकार की आपदा उपस्थित होने पर होती है और एक शूर वीर की परीक्षा युद्धभूमि मे होती है | किसी व्यक्ति की कुलीनता की परीक्षा उसकी विनयशिलता से होती है और स्त्रियों के व्यवहार की असली परीक्षा उनके पतियों के निर्धन हो जाने की स्थिति मे होती है।

English

Aapadi mitra pareekshaa shoor pareekshaa ranaangane bhavati.
Vinaye vanshpareekshaa striyah pareekshaa tu nirdhane punsi.

The real test of friendship of a friend is at the time of facing a calamity or a misfortune, ans so also of a warrior in a battle field. The aristocracy of a person is tested by his humility and modesty, and the test of women folk when their husbands become poor.

(इससे पहले का सुभाषित – आपदर्थे धनं रक्षेद्वारन्रक्षेद्धनैरपि । आत्मानं सततं रक्षेद्वारैरपि धनैरपि ॥ )

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