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Posts published by “Pankaj Patel”

कक्षा 12 मे जीव विज्ञान पसंद था फिर भी Talod कॉलेज से रसायण विज्ञान के साथ B.sc किया। बाद मे स्कूल ऑफ सायन्स गुजरात युनिवर्सिटी से भूगोल के साथ M.sc किया। विज्ञान का छात्र होने के कारण भूगोल नया लगा फिर भी नकशा (Map) समजना और बनाना जैसी पूरानी कला एवम रिमोट सेंसिंग जैसी नयी तकनिक भी वही सीखी। वॉशिंग पाउडर बनाके कॅमिकल कारखाने का अनुभव हुआ तो फूड प्रोसेसिंग करके बिलकुल अलग सिखने को मिला। मशरूम के काम मे टिस्यु कल्चर जैसा माईक्रो बायोलोजी का काम करने का सौभाग्य मिला। अब शिक्षा के क्षेत्र मे हुं, अब भी मै मानता हूँ कि किसी एक क्षेत्र मे महारथ हासिल करने से अलग-अलग क्षेत्रो मे सामान्य ज्ञान बढाना अच्छा है।
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पापं कर्तुमृणं कर्तुं मन्यन्ते मानवाः सुखम् । परिणामोSतिगहनो महतामपि नाशकृत ॥

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पापं कर्तुमृणं कर्तुं मन्यन्ते मानवाः सुखम् । परिणामोSतिगहनो महतामपि नाशकृत ॥ भावार्थ: कोई पापकर्म करते समय या ऋण लेते समय लोग सुख का अनुभव करते है, परन्तु इनका परिणाम अत्यन्त…

लोकाः स्त्रीषु रताः स्त्रियश्च चपलाः पुत्राः पितुर्द्वेषिणः । साधुः सीदति दुर्जनः प्रभवति प्राप्ते कलौ दुर्युगे ॥

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लोकाः स्त्रीषु रताः स्त्रियश्च चपलाः पुत्राः पितुर्द्वेषिणः । साधुः सीदति दुर्जनः प्रभवति प्राप्ते कलौ दुर्युगे ॥ भावार्थ: कलियुग के प्रारम्भ होने पर पुरुष स्त्रियों के प्रति अत्यधिक आसक्त हो जाते…

सेवेव मानमखिलं ज्योत्स्नेव तमो जरेन लावण्यम् । हरिहरकथेन दुरितं गुणशतमप्यर्थिता हरति ॥

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सेवेव मानमखिलं ज्योत्स्नेव तमो जरेन लावण्यम् । हरिहरकथेन दुरितं गुणशतमप्यर्थिता हरति ॥ भावार्थ: किसी का सेवक बनने पर सारा मान सम्मान नष्ट हो जाता है, चन्द्रमा की ज्योत्स्ना से रात्रि…

तावन्मतां महती यावत्किमपि हि न याच्यते लोकम् । बलिमनुयाचनसमये श्रीपतिरपि वामनो जातः ॥

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तावन्मतां महती यावत्किमपि हि न याच्यते लोकम् । बलिमनुयाचनसमये श्रीपतिरपि वामनो जातः ॥ भावार्थ: महान और यशस्वी व्यक्ति भी तभी तक अपनी महानता को बनाये रखते हैं जब तक कि…

अविद्यः पुरुषः शोच्यः शोच्यं मिथुनमप्रजं । निराहारः प्रजाः शोच्या शोच्यं राष्ट्रमराजकं ॥

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अविद्यः पुरुषः शोच्यः शोच्यं मिथुनमप्रजं । निराहारः प्रजाः शोच्या शोच्यं राष्ट्रमराजकं ॥ भावार्थ: विद्या विहीन (मूर्ख) व्यक्ति और सन्तानहीन दंपति शोचनीय हैं। इसी प्रकार वह प्रजा शोचनीय है जिसे भरपेट…

अहो प्रकृतिसादृश्यं श्लेष्मणो दुर्जनस्य च । मधुरैः कोपमायाति कटुकेनैव शाम्यते ॥

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अहो प्रकृतिसादृश्यं श्लेष्मणो दुर्जनस्य च । मधुरैः कोपमायाति कटुकेनैव शाम्यते ॥ भावार्थ: अहो ! कफ़ और एक दुर्जन व्यक्ति की प्रकृति में कितनी समानता है। दोनों मधुरता के अधिक कुपित…

काकः आहूयते काकान् याचको न तु याचकान् । काकयाचकयोर्मध्ये वरं काको न याचकः।।

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काकः आहूयते काकान् याचको न तु याचकान् । काकयाचकयोर्मध्ये वरं काको न याचकः।। भावार्थ: किसी भोज्य वस्तु को पा कर एक कव्वा कांव कांव का शोर मचा कर अन्य कव्वों…

विश्व यूएफओ दिवस – World UFO Day 2 July

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विश्व यूएफओ दिवस एक वार्षिक जागरूकता दिवस है जो अज्ञात उड़ती वस्तुओं और अलौकिक जीवन के निस्संदेह अस्तित्व की खोज के प्रति उत्सुकता बढ़ाता है। यह 2 जुलाई को मनाया…

करोति यः परद्रोहं जनस्यानपराधिनः । तस्य राज्ञः स्थिरापि श्रीः समूलं नाशमृच्छति ॥

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करोति यः परद्रोहं जनस्यानपराधिनः । तस्य राज्ञः स्थिरापि श्रीः समूलं नाशमृच्छति ॥ भावार्थ: एक राजा (या शासक) जो अकारण ही परद्रोही होता है वह अपनी प्रजा की दृष्टि मे एक…

कः कालः कानि मित्राणि को देशः कौ व्ययागमौ । कश्चाहं का च मे शक्तिरिति चिन्त्यं मुहुर्मुहुः ॥

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कः कालः कानि मित्राणि को देशः कौ व्ययागमौ । कश्चाहं का च मे शक्तिरिति चिन्त्यं मुहुर्मुहुः ॥ भावार्थ: कैसा समय (परिस्थिति) है, कौन मेरे मित्र हैं, में किस देश में…

प्रशान्त चन्द्र महालनोबिस – प्रसिद्ध भारतीय वैज्ञानिक एवं सांख्यिकीविद

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प्रशान्त चन्द्र महालनोबिस एक प्रसिद्ध भारतीय वैज्ञानिक एवं सांख्यिकीविद थे। उन्हें दूसरी पंचवर्षीय योजना के अपने मसौदे के कारण जाना जाता है। भारत की स्वत्रंता के पश्चात नवगठित मंत्रिमंडल के…

एकेन शुष्कवृक्षेण दह्यमानेन वह्निना । दह्यते तद्वनं सर्वं दुष्पुत्रेण कुलं यथा ॥

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एकेन शुष्कवृक्षेण दह्यमानेन वह्निना । दह्यते तद्वनं सर्वं दुष्पुत्रेण कुलं यथा ॥ भावार्थ : किसी वन मे एक सूखा वृक्ष भी आग पकड्ने और फैलने पर संपूर्ण वन को जला…

पी. वी. नरसिम्हा राव – भारत के नौवे प्रधानमंत्री

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पी. वी. नरसिम्हा राव यानि पामुलापति वेंकट नरसिंह राव (जन्म- 28 जून, 1921, मृत्यु- 23 दिसम्बर, 2004) भारत के नौवें प्रधानमंत्री के रूप में जाने जाते हैं। इनके प्रधानमंत्री बनने…

पात्रं न तापयति नैव मलं प्रसूते स्नेहं न संहरति नैव गुणान् क्षिणोति । द्रव्याSवसानसमये चलतां न धत्ते सत्पुत्र एव कुलसद्मनि कॊSपि दीपः ॥

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पात्रं न तापयति नैव मलं प्रसूते स्नेहं न संहरति नैव गुणान् क्षिणोति । द्रव्याSवसानसमये चलतां न धत्ते सत्पुत्र एव कुलसद्मनि कॊSपि दीपः ॥ भावार्थ : एक सत्पुत्र एक दीपक के…

ઓનલાઈન શિક્ષણ – આજના બદલાયેલા સંજોગોમાં

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ઓનલાઈન શિક્ષણ અત્યાર સુધી કેટલાક વિશિષ્ટ લોકો, શાળાઓ, સંસ્થાઓ અને મોટે ભાગે Online Education Platforms માટેનો કોન્સેપ્ટ હતો. આપણે સહુ જાણીએ છીએ કે ઓનલાઇલ શિક્ષણ એ પ્રત્યક્ષ અથવા શાળાકીય શિક્ષણનું…

आशाया कृतदासो यः स दासः सर्वदेहिनां । आशा दासीकृता येन तस्य दासायते जगत् ॥

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आशाया कृतदासो यः स दासः सर्वदेहिनां । आशा दासीकृता येन तस्य दासायते जगत् ॥ भावार्थ : जिस व्यक्ति को आशा (बिना प्रयत्न किये ही किसी कार्य के सम्पन्न हो जाने…

मुनि तरुण सागर – प्रसिद्ध दिगंबर जैन मुनि या संत

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मुनि तरुण सागर जैन धर्म के भारतीय दिगम्बर पंथ के प्रसिद्ध मुनि थे। उन्होंने पूरे देश में भ्रमण किया। बचपन से ही तरुण सागर मुनि का अध्यात्म की और बड़ा…

राम राघोबा राणे – 1947 युद्ध के परमवीर चक्र विजेता

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राम राघोबा राणे वो परमवीर है जिन्हे यह सम्मान जीवित रहते प्राप्त हुआ। हम जानते है की PVC हमारे देश का सर्वोच्च सैनिक सम्मान है। जब किसी सैनिक का कार्य…

अंतर्राष्ट्रीय मादक पदार्थ सेवन और तस्करी निरोध दिवस – 26 June

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अंतर्राष्ट्रीय मादक पदार्थ सेवन और तस्करी निरोध दिवस वैश्विक कार्यवाही को मजबूत करने और मादक पदार्थो से मुक्त आंतरराष्ट्रीय समाज के लक्ष की प्राप्ति मे सहयोग करने के लिए प्रतिवर्ष…

अपूज्या यत्र पूज्यन्ते पूज्यानां तु विमानना । त्रीणि तत्र प्रवर्तन्ते दुर्भिक्षं मरणं भयं ॥

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अपूज्या यत्र पूज्यन्ते पूज्यानां तु विमानना । त्रीणि तत्र प्रवर्तन्ते दुर्भिक्षं मरणं भयं ॥ भावार्थ: जिस देश या समाज में अपूज्य और अयोग्य व्यक्तियों का सम्मान होता है और पूजनीय…

विश्वनाथ प्रताप सिंह – भारत के आठवें प्रधानमंत्री

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विश्वनाथ प्रताप सिंह भारत के आठवें प्रधानमंत्री थे और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री भी रह चुके है। प्रधानमंत्री के तौर पर उनका शासन 2 दिसम्बर 1989 से 10 नवम्बर 1990,…

आपातकाल – लोकशाही का काला अध्याय

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25 जून 1975 से 21 मार्च 1977 तक का 21 महीने की अवधि में भारत में आपातकाल घोषित था। तत्कालीन राष्ट्रपति फ़ख़रुद्दीन अली अहमद ने तत्कालीन भारतीय प्रधानमंत्री इन्दिरा गांधी…

परमवीर ले. मनोजकूमार पांडेय – “Hero of Batalik”

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परमवीर ले. मनोजकूमार पांडेय का नाम सुनते ही नापाक पड़ोसी से कारगिल युद्ध की भयानक याद जहन मे आ जाती है। भारत ने पाकिस्तान से हुए सभी युद्ध जीते है,…

आपदि मित्र परीक्षा शूर परीक्षा रणाङ्गणे भवति । विनये वंशपरीक्षा स्त्रियः परीक्षा तु निर्धने पुंसि ॥

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आपदि मित्र परीक्षा शूर परीक्षा रणाङ्गणे भवति । विनये वंशपरीक्षा स्त्रियः परीक्षा तु निर्धने पुंसि ॥ भावार्थ : एक मित्र की असली परीक्षा किसी प्रकार की आपदा उपस्थित होने पर…

पं. श्रद्धाराम शर्मा – लोकप्रिय आरती ओम जय जगदीश हरे के रचयिता

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पं. श्रद्धाराम शर्मा (श्रद्धाराम फिल्लौरी) लोकप्रिय आरती ओम जय जगदीश हरे के रचयिता हैं। इस आरती की रचना उन्होंने 1870 में की थी। वे सनातन धर्म प्रचारक, ज्योतिषी, स्वतंत्रता संग्राम…

आपदर्थे धनं रक्षेद्वारन्रक्षेद्धनैरपि । आत्मानं सततं रक्षेद्वारैरपि धनैरपि ॥

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आपदर्थे धनं रक्षेद्वारन्रक्षेद्धनैरपि । आत्मानं सततं रक्षेद्वारैरपि धनैरपि ॥ भावार्थ: एक बुद्धिमान् व्यक्ति को अचानक उपस्थित होने वाली आपदाओं से सुरक्षा हेतु धन संपत्ति बचा कर रख्रनी चाहिये तथा अपने…

International Olympic Day – अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक दिवस – 23 June

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International Olympic Day वैसे तो अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक दिवस की शुरुआत 23 जून 1948 को हुई पर इससे काफी पहले ओलंपिक गेम्स (Olympic Games) की शुरुआत की जा चुकी थी। पहला…

अन्तरराष्ट्रीय विधवा दिवस – International Widow’s Day – 23 June

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अन्तरराष्ट्रीय विधवा दिवस – International Widows Day पूरे विश्व में प्रतिवर्ष 23 जून को मनाया जाता है। यह दिवस विधवा महिलाओं की समस्याओं के प्रति समाज में जागरुकता फ़ैलाने के…

अपुत्रत्वं भवच्छ्रेयो न तु स्याद्विगुणः सुतः । जीवन्नप्यविनीतोSसौ मृत एव न संशयः ॥

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अपुत्रत्वं भवच्छ्रेयो न तु स्याद्विगुणः सुतः । जीवन्नप्यविनीतोSसौ मृत एव न संशयः ॥ भावार्थ: एक गुणहीन पुत्र के होने से तो पुत्र हीन होना ही श्रेयस्कर है क्योंकि ऐसा पुत्र…

उपदेशो न दातव्यो यादृशे तादृशे नरे । पश्य वानर मूर्खेण सुगृही निगृही कृता ॥

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उपदेशो न दातव्यो यादृशे तादृशे नरे । पश्य वानर मूर्खेण सुगृही निगृही कृता ॥ भावार्थ: बुद्धिमानी इसी में है कि हर किसी को बिना मांगे उपदेश या राय नहीं देनी…

अविद्यानाशिनी विद्या भावना भय नाशिनी । दारिद्र्य नाशनं दानं शीलं दुर्गति नाशनं ॥

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अविद्यानाशिनी विद्या भावना भय नाशिनी । दारिद्र्य नाशनं दानं शीलं दुर्गति नाशनं ॥ भावार्थ: विद्या प्राप्ति से अज्ञान का नाश होता है तथा स्वयं पर दृढ विश्वास से भय दूर…

आलस्यं हि मुनष्याणां शरीरस्थो महान् रिपुः । नास्त्युद्यमसमो बन्धुः कृत्वाSयं नाSवसीदति ॥

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आलस्यं हि मुनष्याणां शरीरस्थो महान् रिपुः । नास्त्युद्यमसमो बन्धुः कृत्वाSयं नाSवसीदति ॥ भावार्थ: सचमुच आलस्य (अकर्मण्यता) एक व्यक्ति के शरीर में स्थित एक महान शत्रु के समान होता है, और…

अश्वस्य भूषणं वेगो मत्तं स्याद् गजभूषणम् । चातुर्यं भूषणं नार्या उद्द्योगो नर भूषणम् ॥

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अश्वस्य भूषणं वेगो मत्तं स्याद् गजभूषणम् । चातुर्यं भूषणं नार्या उद्द्योगो नर भूषणम् ॥ भावार्थ: घोडे की शोभा (प्रशंसा) उसके वेग के कारण होती है और हाथी की उसकी मदमस्त…

उत्तमो नातिवक्ता स्यात् अधमो बहु भाषते । न कान्चेन ध्वनिस्तादृक यादृक् कांस्ये प्रजायते ॥

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उत्तमो नातिवक्ता स्यात् अधमो बहु भाषते । न कान्चेन ध्वनिस्तादृक यादृक् कांस्ये प्रजायते ॥ भावार्थ: श्रेष्ठ व्यक्ति बहुधा वाचाल नहीं होते हैं पर निम्न श्रेणी के व्यक्ति बहुत वाचाल होते…

देशबन्धु चित्तरञ्जनदास – राजनीतिज्ञ, वकील, कवि, पत्रकार तथा स्वतंत्रता आन्दोलन के प्रमुख नेता

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देशबन्धु चित्तरञ्जनदास (1870-1925 ई.) सुप्रसिद्ध भारतीय नेता, राजनीतिज्ञ, वकील, कवि, पत्रकार तथा भारतीय स्वतंत्रता आन्दोलन के प्रमुख नेता थे। उन्होंने कई बड़े स्वतंत्रता सेनानियों के मुकद्दमे भी लड़े। जन्म और…

Father’s Day – 16 June पितृ दिवस

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Father’s Day या पितृ दिवस वैसे तो पाश्चात्य देशो का उत्सव या दिन है। पर अब हमारे यहाँ भी उसका महत्व बढ़ा है। वरना हमारी संस्कृति मे तो हर दिन…

अल्पं किन्चिच्छ्रियं प्राप्य नीचो गर्वायते लघुः । पद्मपत्र तले भेको मन्यते दण्डधारिणं ॥

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अल्पं किन्चिच्छ्रियं प्राप्य नीचो गर्वायते लघुः । पद्मपत्र तले भेको मन्यते दण्डधारिणं ॥ भावार्थ: नीच व्यक्ति थोडी बहुत ही संपन्नता प्राप्त करने पर ही गर्व और अहङ्कार करने लगते हैं।…

विश्व बालश्रम विरोधी दिवस – 12 जून

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विश्व बालश्रम विरोधी दिवस हर साल 12 जून को मनाया जाता है। यूएन के सभी सदस्य देशो मे ये मनाया जाता है। बालश्रम की वैश्विक समस्या पर विचार विमर्श और…

रविरपि न दहति तादृग्वादृग्दह्ति बालुका निकरः । अन्यस्याल्लब्धपदो नीचः प्रायेण दुःसहो भवति ॥

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रविरपि न दहति तादृग्वादृग्दह्ति बालुका निकरः । अन्यस्याल्लब्धपदो नीचः प्रायेण दुःसहो भवति ॥ भावार्थ: सूर्य की किरणें अपने ताप से उतना नहीं जलाती हैं जितना कि उनके द्वारा तप्त हुआ…

अलोभः परमं वित्तं अहिंसा परमं तपः । अमाया परमा विद्या निरवद्या मनीषिणां ॥

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अलोभः परमं वित्तं अहिंसा परमं तपः । अमाया परमा विद्या निरवद्या मनीषिणां ॥ भावार्थ: लोभी न होना ही वास्तविक धन है और अहिंसा ही सर्वश्रेष्ठ तप है। माया मोह से…

उत्पलस्य च पद्मस्य मत्स्यस्य कुमुदस्य च। एक्जातिप्रसूतानां रूपं गन्धः प्रथक्प्रथक्॥

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उत्पलस्य च पद्मस्य मत्स्यस्य कुमुदस्य च । एक्जातिप्रसूतानां रूपं गन्धः प्रथक्प्रथक् ॥ भावार्थ: यद्दपि कमल पुष्प की विभिन्न प्रजातियां जैसे उत्पल, पद्म और कुमुद, तथा मछलियां एक ही स्थान और…

गोपीनाथ बोरदोलोई – असम के प्रथम मुख्यमंत्री

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गोपीनाथ बोरदोलोई (जन्म- 6 जून, 1890; मृत्यु- 5 अगस्त, 1950) भारत के प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी और असम के प्रथम मुख्यमंत्री थे। इन्हें ‘आधुनिक असम का निर्माता’ भी कहा गया है।…

उत्तमैः सह सांगत्यं पण्डितैः सह संकथा ।

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उत्तमैः सह सांगत्यं पण्डितैः सह संकथा । अलुब्धैः सह मित्रत्वं कुर्वाणो नावसीदति ॥ भावार्थ :- यदि कोई व्यक्ति सज्जन व्यक्तियों की संगति में रहता है, और विद्वान व्यक्तियों से विचारों…

विश्व महासागर दिवस – World Oceans Day – 8 June

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विश्व महासागर दिवस (World Oceans Day) प्रतिवर्ष ‘8 जून’ को मनाया जाता है। समुद्र की महत्त्वपूर्ण भूमिका के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए इस दिवस की शुरुआत वर्ष 1992 में…

Sir Ronald Ross

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Sir Ronald Ross KCB KCMG FRS FRCS (13 May 1857 – 16 September 1932) was a British medical doctor who received the Nobel Prize for Physiology or Medicine in 1902…

अन्धं दरिद्रिणमपि प्रियया विहीनं

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अन्धं दरिद्रिणमपि प्रियया विहीनं वीक्ष्येश्वरे वदति याच वरं त्वमेकम् । नेत्रे न् नाSपि वसुनो वनितां स वव्रे छत्राSभिरामसुतदर्शनमित्युवाच ॥ भावार्थ :- एक अन्धे भिखारी को जो पत्नी विहीन भी था,…

रे राजहंस किमिति त्वमिहाSSगतोऽसि

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रे राजहंस किमिति त्वमिहाSSगतोऽसि योSसौ बकः स इह हंस इति प्रतीतः । तद्गम्यतामनुपदेन पुनः स्वभूमौ यावद्वदन्ति च बकं खलु मूढ लोकाः ॥ – सुभाषित रत्नाकर (शार्ङ्गधर ) भावार्थ – अरे…

કોલેરા માટે અજમાવવા જેવા ઘરગથ્થુ ઉપચારો Cholera

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કોલેરા એટલે ઝાડા ઉલટીની તકલીફ ધરાવતો રોગચાળો. દૂષિત પીણાં અને ખોરાકથી ફેલાતો આ રોગ જલ્દીથી ફેલાતા રોગચાળામાં ફેરવાઇ જાય છે. પાતળા પાણી જેવા ઝાડા, ઊલટી અને શરીરમાથી નિર્જલીકરણ થવું એ…